पटना, 25 अगस्त : बिहार के दो समर्पित शिक्षकों, कुमारी निधि चौधरी और दिलीप कुमार, को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2025 के लिए चुना गया है। यह प्रतिष्ठित पुरस्कार हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर भारत के राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति द्वारा प्रदान किया जाता है, जो देश भर के उत्कृष्ट शिक्षकों के योगदान को सम्मानित करता है।
कुमारी निधि चौधरी, जो किशनगंज के प्राथमिक विद्यालय सुहागी में कार्यरत हैं, और दिलीप कुमार, जो सुपौल के ललित नारायण लक्ष्मी नारायण प्रोजेक्ट गर्ल्स हाई स्कूल में शिक्षक हैं, ने अपनी प्रतिबद्धता और नवाचारी शिक्षण विधियों के माध्यम से शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। इन दोनों शिक्षकों ने न केवल अपने छात्रों के शैक्षिक अनुभव को समृद्ध किया है, बल्कि स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार किया है।
शिक्षा मंत्रालय (MoE) की देखरेख में आयोजित इस पुरस्कार के लिए चयन प्रक्रिया अत्यंत पारदर्शी और कठिन होती है। शिक्षकों का चयन उनके शैक्षिक योगदान, नवाचार, और छात्रों के समग्र विकास में प्रभाव के आधार पर किया जाता है। इस वर्ष बिहार से छह सीटों के लिए नामांकन आमंत्रित किए गए थे, जिसमें से इन दो शिक्षकों ने अपनी उत्कृष्टता साबित की।
बिहार शिक्षा विभाग ने इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए दोनों शिक्षकों को बधाई दी है। विभाग की ओर से एक आधिकारिक बयान में कहा गया, “कुमारी निधि और दिलीप कुमार का यह चयन बिहार के शिक्षा क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण है। उनकी मेहनत और समर्पण अन्य शिक्षकों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।”
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 1958 में शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य उन शिक्षकों को सम्मानित करना है जो अपनी प्रतिबद्धता के माध्यम से शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव लाते हैं। यह पुरस्कार 5 सितंबर, 2025 को नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में प्रदान किया जाएगा।
बिहार के इन दोनों शिक्षकों को उनकी इस उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं।