उत्तर प्रदेश, भारत का सबसे अधिक आबादी वाला राज्य, शिक्षा के क्षेत्र में हमेशा से ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। यहां की शिक्षा प्रणाली न केवल राज्य की आर्थिक प्रगति का आधार है, बल्कि राष्ट्रीय विकास का भी एक मजबूत स्तंभ है। आज, 13 सितंबर 2025 को, उत्तर प्रदेश से शिक्षा संबंधी कई महत्वपूर्ण अपडेट्स सामने आए हैं, जो राज्य सरकार की ‘विकसित उत्तर प्रदेश @2047’ अभियान से जुड़े हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यह अभियान राज्य को 2047 तक विकसित बनाने का लक्ष्य रखता है, जिसमें शिक्षा को प्राथमिकता दी गई है।
विकसित उत्तर प्रदेश @2047: शिक्षा पर जोर
आज सुबह सीएम योगी ने X (पूर्व ट्विटर) पर ट्वीट कर नागरिकों से सुझाव मांगे, खासकर शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और टेक्नोलॉजी पर। पोर्टल samarthup.in पर QR कोड स्कैन कर कोई भी व्यक्ति सुझाव दे सकता है। X पर यूजर्स ने शिक्षा को मुफ्त बनाने, मानव संसाधन विकास पर जोर देने और जीडीपी पर सकारात्मक प्रभाव के लिए फ्री शिक्षा-स्वास्थ्य की मांग की है। यह अभियान ‘विकसित भारत’ का हिस्सा है, जहां उत्तर प्रदेश को 6 ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी बनाने का लक्ष्य है। सीएम ने कहा कि कोरोना काल से स्वास्थ्य-शिक्षा के मानक मजबूत हुए हैं, और सपा सरकार की तुलना में योगी सरकार ने मुफ्त अनाज-LPG के साथ शिक्षा-अनुसंधान में निवेश बढ़ाया है। ‘जीरो पॉवर्टी’ का लक्ष्य 2047 तक हासिल करने के लिए शिक्षा को केंद्र में रखा गया है।
तकनीकी शिक्षा और भर्ती
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने तकनीकी शिक्षा परीक्षा 2025 के एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं। यह परीक्षा 21 और 22 सितंबर को विभिन्न केंद्रों पर होगी। उम्मीदवार uppsc.up.nic.in से एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। यह परीक्षा तकनीकी शिक्षा के पदों के लिए है, जो राज्य में इंजीनियरिंग और तकनीकी शिक्षा को मजबूत करने का प्रयास है। इसके अलावा, मेरठ के मदन मोहन मालवीय यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (MMUT) में शिक्षकों की भर्ती की तैयारी चल रही है। यह कदम उच्च शिक्षा में गुणवत्ता और संसाधन बढ़ाने की दिशा में है।
मदरसा शिक्षा में सुधार
सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा बोर्ड एक्ट 2004 की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा है, जिसने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को पलट दिया। इससे राज्य के मदरसों में आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा, और छात्रों को जबरन पढ़ाने की बाध्यता नहीं होगी। मदरसा शिक्षा परिषद के अध्यक्ष डॉ. इफ्तिखार अहमद जावेद ने इसे सकारात्मक कदम बताया। X पर यूजर्स ने इसे अल्पसंख्यक शिक्षा के लिए राहतकारी बताया है।
स्कूलों में रचनात्मक और समावेशी गतिविधियां
बेसिक शिक्षा विभाग ने आज कई स्कूल-स्तरीय गतिविधियों की जानकारी साझा की, जो छात्रों के सर्वांगीण विकास पर केंद्रित हैं। गौतम बुद्ध नगर के उच्च प्राथमिक विद्यालय साबौता मुस्तफाबाद (जेवर) और ऊँचा अमीरपुर (दादरी) में ‘मीना मंच’ के तहत चित्रकथा सत्र आयोजित हुआ। यहां बालिकाओं ने पोस्टर, नाटक और बाल समाचार पत्र के माध्यम से लिंग आधारित पूर्वाग्रहों को चुनौती दी। यह समानता की दिशा में सराहनीय प्रयास है। बुलंदशहर के UPS करीरा, शिकारपुर में छात्रों ने ‘बाल अखबार’ पढ़ा, जिसमें हिंदी दिवस (14 सितंबर) पर विशेष सामग्री थी। छात्रों ने नेतृत्व, भाषा की शक्ति और प्रेरणादायक कहानियां साझा कीं। वाराणसी के प्राथमिक विद्यालय चन्द्रावती, चोलापुर में हिंदी दिवस की पूर्व संध्या पर दोहा अंत्याक्षरी प्रतियोगिता हुई, जहां बच्चों को पुरस्कार दिए गए।
पर्यावरण और विज्ञान शिक्षा
पर्यावरण जागरूकता के लिए शाहजहांपुर के कंपोजिट स्कूल, जाखिया कलां में इको क्लब ने कविता सत्र आयोजित किया। छात्रों ने वृक्षारोपण, प्रकृति संरक्षण और पर्यावरण-अनुकूल आदतों पर जोर दिया। यह ‘मिशन लाइफ’ का हिस्सा है। विज्ञान शिक्षा को रोचक बनाने के लिए बुलंदशहर के UPS खलसिया चूहरपुर में छात्रों ने अपशिष्ट बोतलों और स्ट्रॉ से थर्मामीटर बनाया। न्यूटन के तीसरे नियम को समझाने के लिए UPS करीरा में बैलून प्रयोग किया गया, जहां हवा निकलते ही बैलून रॉकेट की तरह उड़ा। गौतम बुद्ध नगर के PS दधा दनकौर में ‘बिग बुक से नाम पहचानो’ गतिविधि चली, जहां छात्रों ने शब्द पहचान कौशल मजबूत किया।
पोषण और स्वास्थ्य पर फोकस
लखनऊ में मध्याह्न भोजन प्राधिकरण और यूनिसेफ के सहयोग से राज्य स्तरीय कार्यशाला हुई। किशोर-किशोरियों में पौष्टिक आहार और स्वस्थ जीवनशैली पर चर्चा हुई। इसका उद्देश्य 8 करोड़ से अधिक स्कूली बच्चों का विकास सुनिश्चित करना है। X पर यूजर्स ने स्कॉलरशिप और फ्री काउंसलिंग की जानकारी साझा की, जो सरकारी और प्राइवेट स्कीम्स से जुड़ी हैं। सरोजिनीनगर जैसे क्षेत्रों में डिजिटल शिक्षा और कौशल विकास पर जोर है।
शिक्षा बजट और चुनौतियां
उत्तर प्रदेश का शिक्षा बजट 2025-26 में कुल 8.09 लाख करोड़ के बजट का 13 प्रतिशत है। इसमें रिसर्च, डेवलपमेंट और आईटी पर फोकस है। विकास के लिए 22 प्रतिशत, कृषि के लिए 11 प्रतिशत और स्वास्थ्य के लिए 6 प्रतिशत आवंटित है। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि राज्य की जीएसडीपी 27.51 लाख करोड़ तक पहुंचेगी। राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा बजट 50,077.95 करोड़ हो गया है, जो पिछले वर्ष से 6.22 प्रतिशत अधिक है। लेकिन चुनौतियां बरकरार हैं। UDISE+ डेटा 2024-25 के अनुसार, भारत में 1,04,125 सिंगल-टीचर स्कूल हैं, और उत्तर प्रदेश में यह संख्या सबसे अधिक है। आईआईटी, आईआईएम, एनआईटी में 56 प्रतिशत फैकल्टी पद खाली हैं।
स्कूल अवकाश और अन्य अपडेट्स
सितंबर 2025 में 13 सितंबर (दूसरा शनिवार) और 27 सितंबर (चौथा शनिवार) गैर-कामकाजी दिन हैं। 5 सितंबर को ईद-ए-मिलाद पर छुट्टी रही। 29-30 सितंबर को दुर्गा पूजा पर पूर्वी क्षेत्रों में संभावित अवकाश। NEET काउंसलिंग 2025 का राउंड 2 शेड्यूल जारी हुआ, और 13 प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों की फीस बढ़ाई गई। शिक्षक दिवस 2025 पर 81 शिक्षकों को राज्य पुरस्कार मिला। पूर्व DGP प्रशांत कुमार को लखनऊ यूनिवर्सिटी से D.Litt. की मानद डिग्री मिली। IIIT इलाहाबाद में 13 सितंबर को दीक्षांत समारोह होगा। यूपी डी.एल.एड 2024 रजिस्ट्रेशन 9 अक्टूबर तक। UP बोर्ड एडमिशन 2025 की अंतिम तिथि 1 सितंबर थी, और कक्षा 9-11 की रजिस्ट्रेशन 10 सितंबर तक।
सामाजिक और सांस्कृतिक पहल
X पर स्वामी रामभद्राचार्य का बयान वायरल हुआ कि पश्चिमी UP में हिंदू घरों में सनातन शिक्षा जरूरी है। लखनऊ में 2.96 लाख विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए ‘सुगम्य वर्कशीट्स’ UNICEF के साथ शुरू की गई हैं। तीसरी भाषा विकल्प में फंडिंग और शिक्षक कमी की समस्या बनी हुई है।